प्रकर्ति से सम्पर्क -
जिनमे से एक पृथ्वी भी है , से जुड़े रहते है । हम शायद ही कभी नंगे पैर चलना पसंद करते है , हम जूते और सैंडल पहन कर ही बाहर जाते है । ये हमारे पृथ्वी के साथ के प्राकृतिक कनेक्शन को दूर करता है

सुबह नंगे पांव घास पर चलने से दिमाग शांत रहता है । सुबह ताजा हवा , सूरज की रोशनी , हरियाली दिमाग को तरोताजा कर देती है । इस वातावरण में रहने से आप काफी रिलेक्स और डिप्रेशन से दूर रहते हैं
सुबह ओस में भीगी घास पर चलना बहुत श्रेष्ठ माना जाता है जो पांवों के नीचे की कोमल कोशिकाओं से जुड़ी तंत्रिकाओं द्वारा मस्तिष्क तक राहत पहुंचाता है । घास पर कुछ देर तक बैठने , चलने से एलर्जी और छींक से भी मुक्ति पाई जा सकती है
जब हम नंगे पांव चलते हैं तो हमारा स्ट्रेस लेवल अपने आप नीचे आ जाता है , क्योंकि पैरों की नर्वस उत्तेजित होते हैं , जिससे तनाव दूर होता है । और जब आपका तनाव कम होता है , आपका ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल हो जाता है
महिलाओं में प्रीमेंस्टुअल सिंड्रोम से मूड - स्विंग्स , पेट में दर्द , सिरदर्द , वजन बढ़ना , कब्ज , मुंहासे और कुछ अन्य लक्षण हो सकते हैं । घास पर नंगे पैर चलना इन लक्षणों में से कुछ कम करने में हेल्प कर सकता है
सुबह - सुबह ओस में भीगी घास पर चलने से आंखों की रोशनी भी बहुत तेज होती हैं । कुछ दिन नंगे पैर हरी घास पर चलने से आपका चश्मा भी उतर सकता है
अक्सर बढ़ती उम्र के साथ लोगों को पैरों में सूजन की शिकायत रहने लगती है घास में नंगे पैर टहलने से आप इस परेशानी से छुटकारा पा सकते हैं इससे ऑक्सीजन युक्त ब्लड आपकी बॉडी में सही ढंग से सर्कुलेट होता है और पैरों में सूजन नहीं होती ।
सुबह - सुबह नंगे पांव घास पर चलने से पैरों की अच्छी एक्सरसाइज होती है । इससे पैरों के मांसपेशियों तलवो और घुटनों को रिलेक्स मिलता है
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